शनिवार, 15 जनवरी 2011
शुक्रवार, 14 जनवरी 2011
!! अपनों के नाम !!
****** !! अपनों के नाम !! ******
गले मिल,हाथ मिला,
गुल मुहब्बत के खिला.
तन्हा-तन्हा जीना छोड़,
मिलने का रख सिलसिला.
हर खता को माफ़ कर,
भूल जा शिकवा-गिला.
गुस्से से क्या होगा हासिल ?
गुस्से से मत तिलमिला.
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!! मकर संक्रांति !!
****** !! मकर संक्रांति !!******
इन्द्रधनुषी रंग है,आसमां में पतंग है,तिल के व्यंजन संग है,मन में बहुत उमंग है,
छत पर धूम-धडाका-और नीचे घर में शान्ति है.........,आज 'मकर - संक्रांति' है.
***********************************************सभी मित्रों को ''मकर - संक्रांति '' पर हार्दिक शुभकामनाएं .****************************** *****************
छत पर धूम-धडाका-
बुधवार, 29 दिसंबर 2010
रविवार, 26 दिसंबर 2010
शनिवार, 25 दिसंबर 2010
!! प्याजनामा-4 !!
*********** !! प्याजनामा-4 !!*********** सड़क किनारे एक भिखारी,किसी द्वारा फेंके गए सड़े-गले "प्याज" से "बासी रोटी" खा रहा था.तभी वहां से चमचमाती गाडी में एक 'नेताजी' अपने चमचों के साथ गुजर रहे थे,भिखारी के पास रुके और उसे "प्याज" से रोटी खाते देख खुश हो गए.मूंछों पर ताव देकर अपने चमचों से बोले 'देखो हमने देश से गरीबी मिटा दी.एक भिखारी भी "प्याज" से ...रोटी खा रहा है.कौन कहता है देश में गरीबी है.?'
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!! प्याजनामा-3 !!
********** !! प्याजनामा-3 !! **********
'' दुनिया के सारे मसखरेकम हैं आजहमें हंसाने के लिए,एक ''प्याज'' अकेला ही है काफीहमें रुलाने के लिए !!"
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!! प्याजनामा -2 !!
**********!! प्याजनामा -2 !!**********
"" प्याज बोला इन्सां सेतू क्या छीले मोहे,'सरकार' की महरबानी सेअब मैं छीलूंगा तोहें !""
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!! प्याजनामा-1!!
****** !! प्याजनामा-1!!******
आज-कल 'प्याज'
जो हमसे है नाराज़,
यूँ बोला मुझसे आज-
'' अबे इंसान की औलाद
तू रोज़ मुझे
काटता है,
सब्जियों में डाल कर
खाता है,
और
चटनी बना कर
चाटता है.
अब देख
तेरा जेब मैं काटूंगा ,
और
तुझसे दूर रह कर भी
तेरी आँखों में
पानी ला दुंगा !! ''
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मंगलवार, 21 दिसंबर 2010
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