सोमवार, 12 सितंबर 2011

!पकोड़े मुबारक हो !

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कल सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर जारी है.
पुरे सावन में जैसी बारिश नहीं हुयी,कल सवेरे से ऐसी झमाझम हो रही है.
नदी-नाले उफान पर है.....लोग नदियों पर तालाबों पर मज़े ले रहे हैं.
बैठे-ठाले चाय-पकोड़ों ने मज़ा दुगुना कर दिया है...कईं स्कूलों ने छुट्टी रख ली है,सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति आम दिनों से कम हो तो आश्चर्य नहीं होगा!
पिछले करीब सप्ताह भर से मुझे भी वायरल-फीवर ने परेशान कर रखा था....कल से ही थोड़ा ठीक हुआ हूँ.
फेस-बुक और ब्लॉग पर ना ही कुछ लिख पाया,ना ही कुछ पढ़ ही पाया.....
दोस्तों के टैग तक के ज़वाब नहीं दे पाया....!
आने वाले दिन शायद अच्छे हो और मैं वापस सक्रीय हो पाऊं.
काम की आपाधापी से समय चुराने का ये बेहतरीन मौक़ा है......इसको खो कर भी कुछ पाया तो क्या पाया........!
अगर आपके वहां भी बादल मेहरबान हो रहे हो, तो आपको भी गर्मागर्म चाय की चुस्कियां और पकोड़े मुबारक हो !
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