शुक्रवार, 25 नवंबर 2011
शनिवार, 5 नवंबर 2011
!! मुझे गर्व है तुम पर !!
बिटिया इन दिनों विदेश में है.वहां पिछले दिनों बर्फीला तूफ़ान आया...
उसी की कुछ तस्वीरें,मेरी बिटिया द्वारा ली गयी,जिसे मैं साझा कर
रहा हूँ.....अपनी भावनाओं के साथ....!
****************************** ********** बेटी,तुम होसात समंदर पारएक अनदेखी-अनजानी सीजगह पर,अजनबियों के बीचबिलकुल नए माहोल में.मुझे गर्व हैतुम परकितुमनेहिम्मत दिखाईऔर कुछ सीखने काज़ज्बा लेकरचली गयीसात समंदर पार !घर परजब तुम खाती थीबर्फ का गोला भीतो मैंरोक देता था तुम्हेंयह कह करकिसर्दी लग जायेगी,ज़ुकाम हो जाएगा......अबसात समंदर पार तुमबैठी होबर्फ से घिरी हुयी,बर्फ के बीच मेंतब भी मैंबैखोफ हूँकिमेरी बेटी में हैहिम्मत-साहसऔर ज़ज्बाकुछ सीखने का,कुछ कर गुजरने का......हर विपरीत परोस्थिति सेलड़ने का.......हर हाल मेंआगे ही आगेबढ़ने का........बेटीमुझे गर्व हैतुम पर. ****************************** **********
बुधवार, 19 अक्टूबर 2011
!! पते की बात !!
***************************** ******************************************---------------------------------- पते की बात -----------------------------****************************** ***************************************** समय बड़ा खराब है ! इस समय 'पते की बात' करना,खतरे से खाली नहीं है ! अच्छों-अच्छों के 'पते',लापता हो रहे हैं ! भारी-भरकम 'पते' वाले कईं कर्णधार किसी डाल से टूटे सूखे 'पत्ते' की तरह जा कर सीधे 'तिहाड़' में गिर गए,तो कुछ का 'पत्ता' कटते-कटते रह गया ! कुल मिला कर इस वक़्त 'पते की बात' करना ही फ़िज़ूल सा लगता है !
आखिर किसे 'पता' था कि 'अन्ना' नाम कि कोई आंधी आएगी और कईयों के 'पत्ते' काट जायेगी ! दिल्ली में सत्ता के 'पते' पर बैठे कईयों के 'पते' कब बदल जायेंगे,क्या कोई कह सकता है ! केंद्र के चुनाव अभी दूर है,लेकिन कईं कुर्सी भक्तों को अपने लापता होने का अभी से 'पता' चल गया है ! वे इस बात का 'पता' करने में जुटे हैं,कि आखिर हमारा 'पत्ता' काटने वाले का असली 'पता' क्या है ! अगर उन्हें उसका असली 'पता' मिल जाए,तो वे बस एकजुट हो कर उसी का 'पत्ता' साफ़ करने में लग कर सत्ता के बचे-खुचे दिनों को सार्थक कर दें ! अब ऐसी स्थिति में आप ही सोचिये 'पते की बात' कैसे की जाय !
.वैसे भी सत्ता में बैठ कर माल-पुए खाते-खाते कब पांच साल निकल जाते हैं,'पता' ही नहीं चलता ! 'पता' चलता है तो बस इतना कि इन पांच सालों में जो 'लापता' या 'बे-पता' थे,उनका 'पता' राजधानी के बंगलों पर चस्पा हो गया है ! ये अलग बात है कि राजधानी में एक अदद 'पता' रखने वाले भी अपने मोहल्ले,गाँव या शहर में तो 'लापता' ही रहते हैं ! अब ऐसे में 'पते की बात' करना कोई बहुत समझदारी वाला काम नहीं हो सकता !
सच कहूँ तो मुझे कच्चा-पक्का 'पता' ज़रूर चला है कि अगली बार अवाम, राजधानी के बंगलों का 'पता' देने वाले मोहल्ले,गाँव और शहरों के 'पते' वाले,'लापता' लोगों को अपने असली 'पते' पर लाने की ठान चुका हैं ! अब विश्वसनीय तौर पर तो मुझे भी 'पता' नहीं कि दिल्ली में या यूँ कहें कि राजधानी में कितनों के 'पते' बदल जायेंगे,या 'पत्ते' कट जायेंगे,लेकिन इतना अवश्य है कि अवाम को जो 'पता' चला है,वो कईयों को 'लापता' या 'बे-पता' ज़रूर करेगा.अब ऐसे में आखिर 'पते की बात' करके भी क्या फायदा !
वैसे मेरा 'पता' यही रहेगा,आप जब चाहें यहाँ तशरीफ़ ला सकते हैं.
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शनिवार, 15 अक्टूबर 2011
शनिवार, 1 अक्टूबर 2011
!! कमाल है !!
********************************कमाल है !हज़ारोंसवाल है !!ज़वाब है गिनती के औरहाल बेहाल है !!!कमाल है !महंगाई नेकर दिया हैछिन्न-भिन्न,रोटी के सामनेलग गया हैप्रश्न चिन्ह !थाली से गायब अरसे से ही सब्जी-दाल है,कमाल है !कैसा दूध !?कैसी चाय !?कॉफी ने भीकह दिया बाय !घी-तेल पर पहले से हीमचा बवाल है,कमाल है !कनिमोड़ी-कलमाड़ी कलयुगी राजा,देश का खूबबजाया बाजा !'मनमोहन' केमंत्री-संत्रीमचा रहेधमाल है,कमाल है !मेहनतकश,हरामखोरों सेथक गया है,गरीब का पेटभूख सेपिचक गया है !'कुर्सी' पर विराजितसफेदपोशों केटमाटर जैसेलाल गाल है,कमाल है !खरगोश-बकरीमर रहे हैं,बिच्छू-सांपराज कर रहे हैं !भेड़ियों के तन पेभेड़ की खाल है,कमाल है !हज़ारोंसवाल है !!ज़वाब है गिनती के औरहाल बेहाल है !!!कमाल है ! ********************************
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रविवार, 25 सितंबर 2011
!! बहुत मुखोटे हैं !!
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बहुत मुखोटे हैं !
मशवरे बड़े हैं,
प्रवचन बड़े हैं,
कुएं के मेढक-
कुएं में पड़े हैं !
भाषण है भीषण,
ख्यालात छोटे है !!
बहुत मुखोटे हैं !
'मैं ' पर जोर है,
बाकी सब 'बोर' है ,
दीपक तले-
अन्धेरा घनघोर है !
ज्ञान बांटते दुनिया को-
घर में पर टोटे हैं !
बहुत मुखोटे हैं !
'सूरत ' के कायल है,
दिल से घायल है,
चेहरे पे मुस्कान बड़ी-
पर उसमें भी छल है !
असल की शक्ल में-
सिक्के खोटे हैं !
बहुत मुखोटे हैं !
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सोमवार, 19 सितंबर 2011
!! इम्तेहान बाकी है !!
जिस्म में मेरे जब तलक जान बाकी है,
खुदा जाने कितने और इम्तेहान बाकी है !
दोस्तों की फेहरिस्त लम्बी हुई खूब मगर,
दर्दो-ग़म में बस अब पहचान बाकी है !
यूँ तो लिखे हमने भी ढेरों शे'र अब तलक,
दे मुकम्मल पहचान वो बयान बाकी है !
'तिहाड़' खुले रखना तू दरवाज़े रात-दिन,
'कुर्सियों' पर अब भी कईं 'बेईमान' बाकी है !
फ़क़त लिखने के लिए लिखना मत 'अशोक',
लिखना है वाजिब,अगर तेरा ईमान बाकी है !
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सोमवार, 12 सितंबर 2011
!पकोड़े मुबारक हो !
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कल सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर जारी है.
पुरे सावन में जैसी बारिश नहीं हुयी,कल सवेरे से ऐसी झमाझम हो रही है.
नदी-नाले उफान पर है.....लोग नदियों पर तालाबों पर मज़े ले रहे हैं.
बैठे-ठाले चाय-पकोड़ों ने मज़ा दुगुना कर दिया है...कईं स्कूलों ने छुट्टी रख ली है,सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति आम दिनों से कम हो तो आश्चर्य नहीं होगा!
पिछले करीब सप्ताह भर से मुझे भी वायरल-फीवर ने परेशान कर रखा था....कल से ही थोड़ा ठीक हुआ हूँ.
फेस-बुक और ब्लॉग पर ना ही कुछ लिख पाया,ना ही कुछ पढ़ ही पाया.....
दोस्तों के टैग तक के ज़वाब नहीं दे पाया....!
आने वाले दिन शायद अच्छे हो और मैं वापस सक्रीय हो पाऊं.
काम की आपाधापी से समय चुराने का ये बेहतरीन मौक़ा है......इसको खो कर भी कुछ पाया तो क्या पाया........!
अगर आपके वहां भी बादल मेहरबान हो रहे हो, तो आपको भी गर्मागर्म चाय की चुस्कियां और पकोड़े मुबारक हो !
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गुरुवार, 8 सितंबर 2011
!!बम ब्लास्ट पर !!
-- दिल्ली हाईकोर्ट में बम ब्लास्ट पर --
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चीखना मत,चिल्लाना मतरोना मत,कितनी ही बेदर्दी से कुचले जाओआहत होना मत !.ध्यान रखना-देश के भाग्य विधाताओं सेजुबां तुम्हारीकोई सवाल ना कर पाए.....कहीं उनके 'विशेषाधिकारों' काहनन ना हो जाए !!चुप रहना,सह लेनाअपनी नियति मान करपड़े रहना,कभी मुम्बई मेंकभी दिल्ली में आतंकियों कीगोली खाने कोलाईन लगा करखड़े रहना !!उनको राजनीति करने देना,अस्पताल में घायलों कोतड़फ-तड़फ करमरने देना !ध्यान रखना-देश के भाग्य विधाताओं सेजुबां तुम्हारीकोई सवाल ना कर पाए.....कहीं उनके 'विशेषाधिकारों' काहनन ना हो जाए !!आतंकियों को'अधिकार' है,वे बम फोड़ते रहेंगे !तुम्हारा 'कर्तव्य' हैतुम मरते रहो !!गुनाहगार'अफज़ल'-;कसाब'''इन्साफ'' के लिएठाठ से इंतज़ार करेंगे,बेगुनाहभारत वासीबस यूँ ही बेमौत मरेंगे !!ध्यान रखना-देश के भाग्य विधाताओं सेजुबां तुम्हारीकोई सवाल ना कर पाए.....कहीं उनके 'विशेषाधिकारों' काहनन ना हो जाए !!हर धमाके के बादप्रधानमन्त्रीतोते की तरह बोलेंगे--''ये कायराना हरकत है'' !तुम मत पूछना--''आपने कब हिम्मत दिखाई ?'''वे कहेंगे--''हम हारे नहीं है.''तुम मत पूछना--''आप कब जीतोगे ?''वे कहेंगे--''सब पार्टियों को एक हो जाना चाहिए''तुम मत पूछना--''अपनी पगार और भत्ते बढानें मेंसब पार्टियां कब अलग थी ?'' वे ''चवन्नी'' भरमुआवजा देंगे,तुम लेकरख़ुशी-ख़ुशी घर जाना,बसध्यान रखना-देश के भाग्य विधाताओं सेजुबां तुम्हारीकोई सवाल ना कर पाए.....कहीं उनके 'विशेषाधिकारों' काहनन ना हो जाए !!
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