मंगलवार, 23 नवंबर 2010

!! मुक्तिका-1 !!

1 टिप्पणी:

  1. सटीक व्यंग है एसी रचनाये मनोरंजन के साथ प्रेरणा भी देती हैं यदि कोई लेना चाहे .शुक्रिया

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