बुधवार, 24 नवंबर 2010

--- इंसानी फितरत ---

--- इंसानी फितरत ---
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ईश्वर-अल्लाह ने
बनाया था मुझे 
'मुहब्बत' 
लुटाने के लिए !
मैंने अपनी 
'औकात'
दिखा दी,
मैं हो गया आमादा
उन्हीं को 
लड़ाने के लिए !!
!!! सबको सन्मति दे भगवान् !!!
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1 टिप्पणी:

  1. जी दुआ है सबको सन्मति मिले सुंदर लघु रचना है .शुक्रिया

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