बुधवार, 30 मई 2012

!! सादर श्रृद्धांजलि-18 !!


12 टिप्‍पणियां:

  1. माँ को शहर में बुला लिया जायेगा
    जबा बच्चा बडा़ हो जायेगा
    आया का काम और घर के
    चौकीदार का पैसा बचा लिया जायेगा।

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    1. सुशील जी,यह भी शायद एक सच्चाई है !
      ब्लॉग पर आने के लिए धन्यवाद.

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  2. आपके कथन में बहुत कुछ सच्चाई है |
    आशा

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    1. आशा जी,जो मैंने महशूस किया,वही लिखा!
      ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया.

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  3. तभी तो वह माँ है बेटा रुलाता है लेकिन वह रो-रोकर भी दुवा देना नहीं भूलती ...बहुत बढ़िया ..

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    1. कविता जी,माँ होने का मतलब यही है !संताने उसे समय पर 'दवा' दे ना दे,वह हर समय 'दुआ' देना नहीं भूलती !!
      ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया.

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  4. पश्चिम के रँग में ढला, संस्कार बदहाल।
    भारत भर का दृश्य है, होता देख मलाल॥

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    1. हबीब साहब,सही फरमाया!
      ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया.

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  5. kam shabdo me bahut gahari baat kahi hai..
    aajkal to yahi haal hai..
    behtarin:-)

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    1. रीना जी,होसला अफजाई के लिए आभार.
      ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया.

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  6. कुछ ही शब्दों में बहुत कुछ कह दिया आपकी क्षणिका ने

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  7. राजेश कुमारी जी,प्रेरणा के लिए आभार.
    ब्लॉग पर आने के लिए शुक्रिया.

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