रविवार, 16 जून 2013

????????? हेप्पी फादर्स डे ?????????

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!!!!! हाय डेड !!!!!
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हाय डेड,
आज खुश हो जाओ
आज आपका दिन है !
''अच्छा''!
हाँ 'डेड',
आज 'फादर्स डे' है !!
''अच्छा''!
हां डेड,
बोलो डेड
आपको क्या चाहिए......,
मोबाईल भिजवा दूँ.....
लेपटॉप.......
या कि टेबलेट ठीक रहेगा....!
''अरे नहीं-नहीं बेटा.....''
अरे डेड 
आज तो कुछ ना कुछ 'गिफ्ट' दूंगा ही....
अच्छा तो 
आप कहो तो 
ब्रांडेड घडी......
शू.........
बेल्ट......
वॉलेट.......
का पैकेज ही भिजवा देता हूँ..... 
''अरे नहीं-नहीं बेटा.....''
अरे डेड,
आज तो आपका दिन है.....
आज तो आप जो भी मांगो 
मैं देकर ही रहूंगा.......!!
''अच्छा बेटा,
थोड़ा समय निकाल कर 
घर आ जाओ,
मुझे और तुम्हारी मां को 
तुम्हारा थोड़ा सा समय चाहिए.....''
''ओह डेड......
सॉरी......
ये क्या मांग दिया आपने......????
सॉरी डेड..... सॉरी.....!!!!!!
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?????????  हेप्पी फादर्स डे ?????????
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5 टिप्‍पणियां:

  1. बाप बेटे में बातों का जमा - खर्च
    अब यही बचा......
    क्यों पालते हैं ये ढकोसला दुनिया वाले

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  2. बहुत खूब अशोक जी
    शुक्र है ज़माने का रंग अपने बच्चों पर नहीं चढ़ा

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  3. यशोदा जी,
    टिप्पणी के लिए शुक्रिया.
    ढकोसले और बाज़ार के हाथों में ही कैद हो कर रह गए हैं आज रिश्ते....!

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  4. मत माँगो जो ,उनके पास नहीं है :
    सब पिताओं (माताओं की भी)इतनी सामर्थ्य बनी रहे कि वे खुश रहने का रास्ता खुद ढूँढ लें!

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  5. पिता को प्रेम के अलावा कुछ नहीं चाहिए होता, जो आज की पीढ़ी दे नहीं पाती...एक कटु सत्य..सुन्दर प्रस्तुति..

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