रविवार, 27 मई 2012

!! सफेदपोश लुटेरों को सादर-'श्रृद्धांजलि'!!





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होना था जिनको
हवालात में !
सत्ता है आज
उनके ही हाथ में !!
लुटेरे-बेईमान
राज़ कर रहे,
देश के शुभ-चिन्तक
भूखे मर रहे,
घोड़ा बन कर
देश का रथ
आगे ले जाना था जिनको.....,
''गधे'' बन कर वो ही
इस देश को चर रहे !!
बेटों को बाप से
कुर्सी मिल रही
सौगात में !
होना था जिनको
हवालात में !
सत्ता है आज
उनके ही हाथ में !!
खूब खा लिया
और ना जाने
कितना खायेंगे..,
सोने की चिड़िया को
और कितना
लूटेंगे,लुट्वायेंगे...!!
होंगे कैसे फेसले
जब 'चोर' ही
अदालत चलाएंगे !!
कर्तव्य टाँगे
खूंटी पर,
अधिकार ले लिए
हाथ में !
होना था जिनको
हवालात में !
सत्ता है आज
उनके ही हाथ में !!
'कनि'-'माडी'
'राजा',
बजा गए 
देश का बाजा !
छुट्टी हुई जेल से,
खुला सत्ता का दरवाज़ा !!
चेले-चमचे 
नाच रहे 
'चोरों की बरात' में',
होना था जिनको
हवालात में !
सत्ता है आज
उनके ही हाथ में !!
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3 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस उत्कृष्ठ प्रविष्टि की चर्चा कल मंगल वार 29/5/12 को राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर की जायेगी |

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